Saturday, 2 May 2015

उमिदे

कुछ उमिदे  कभी पूरी नही होती..
कुछ पूरी होके भी अधूरी ही लगती...
अगर उमिद ही ना हो तो जिन्द्गी मौत से कम भी नही लगती...

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